छोटे से गांव रामपुर में एक लड़का रहता था—नाम था अर्जुन। अर्जुन एक साधारण किसान परिवार से था, लेकिन उसके सपने साधारण नहीं थे। वह कुछ बड़ा करना चाहता था, पर उसे खुद पर विश्वास नहीं था।
हर सुबह वह खेतों में अपने पिता के साथ काम करता, लेकिन उसका मन अक्सर शहर की ओर भागता। वह सोचता, "काश! मैं भी कुछ अलग कर पाता।" पर जैसे ही वह कुछ करने की कोशिश करता, डर और असफलता का ख्याल उसे पीछे खींच लेता।
एक दिन गांव में एक वृद्ध व्यक्ति आए। उनका नाम था श्रीमान प्रसाद। उन्होंने गांव के बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। अर्जुन भी उनके पास सीखने जाने लगा। एक दिन प्रसाद जी ने बोर्ड पर एक वाक्य लिखा—
"हर सुबह एक नया मौका है खुद को बेहतर बनाने का। उठो, जागो और आगे बढ़ो!"
अर्जुन ने वह पंक्ति ध्यान से पढ़ी और पूछा, “गुरुजी, क्या हर सुबह सच में कोई नया मौका लाती है?”
प्रसाद जी मुस्कराए और बोले, “बिलकुल, बेटा। जब सूरज उगता है, तो वह सिर्फ रोशनी नहीं लाता, बल्कि उम्मीद और नए सपनों की किरणें भी लाता है। फर्क सिर्फ इतना है कि कौन उस रोशनी में चलने का साहस करता है।”
उस दिन के बाद अर्जुन ने तय किया कि वह हर दिन को एक नए मौके की तरह जीएगा। उसने अपनी दिनचर्या बदली। सुबह जल्दी उठता, पढ़ाई करता, खेती में मदद करता और शाम को प्रसाद जी से ज्ञान लेता।
धीरे-धीरे उसमें आत्मविश्वास आने लगा। उसने एक दिन गांव में ही एक छोटा लाइब्रेरी खोल दी ताकि बाकी बच्चे भी पढ़ सकें। कुछ लोग हँसे, बोले, “किसान का बेटा क्या किताबों का काम करेगा?” पर अर्जुन ने ध्यान नहीं दिया।
हर सुबह वह खुद से कहता, “उठो, जागो और आगे बढ़ो!” और यही मंत्र उसका संबल बन गया।
समय बीता। अर्जुन ने सरकारी परीक्षा पास की और एक शिक्षक बन गया। उसने गांव में एक स्कूल की नींव रखी। अब वह दूसरों को भी वही सिखाता था जो उसने सीखा—हर दिन एक नई शुरुआत है।
गांव के लोग अब अर्जुन पर गर्व करते थे। वह न केवल खुद को बेहतर बना पाया, बल्कि गांव के बच्चों के भविष्य को भी रोशन कर पाया।
एक दिन, उसी बोर्ड पर वह पंक्ति दोबारा लिखी गई—
"हर सुबह एक नया मौका है खुद को बेहतर बनाने का। उठो, जागो और आगे बढ़ो!"
लेकिन इस बार, वह पंक्ति सिर्फ एक सीख नहीं थी, वह अर्जुन की ज़िंदगी की कहानी बन चुकी थी।
सीख:
हर इंसान की ज़िंदगी में मौका आता है, फर्क बस इतना है कि कौन उस मौके को पहचानकर उसका उपयोग करता है। सुबह की पहली किरण के साथ हम सबको एक नई शुरुआत का वरदान मिलता है। बस ज़रूरत है तो उठने, जागने और आगे बढ़ने की।।
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