एक सही फैसला
उत्तर प्रदेश के एक छोटे से कस्बे में अर्जुन नाम का एक युवक रहता था। उसके पिता एक साधारण किसान थे। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन उन्होंने अर्जुन को हमेशा एक बात सिखाई थी — “ बेटा, गरीबी से कभी मत डरना, लेकिन गलत रास्ते से मिलने वाली अमीरी से जरूर डरना। ” अर्जुन पढ़-लिखकर शहर के एक निजी कार्यालय में नौकरी करने लगा। उसकी जिम्मेदारी सरकारी योजनाओं से जुड़े दस्तावेजों की जाँच करना थी। शुरुआत में उसे लगा कि उसकी नौकरी बहुत अच्छी है। वह ईमानदारी से काम करता और हर फाइल को ध्यान से जाँचता। लेकिन कुछ महीनों बाद उसे एक अजीब बात दिखाई देने लगी। कुछ लोगों की फाइलें बिना पूरी जाँच के पास हो जाती थीं। एक दिन उसके वरिष्ठ अधिकारी ने उसे एक फाइल देते हुए कहा — “ अर्जुन, इसे जल्दी पास कर दो। ” अर्जुन ने फाइल देखी। कागजों में कई गलतियाँ थीं। उसने कहा — “ सर, इसमें कुछ दस्तावेज पूरे नहीं हैं। ” अधिकारी मुस्कुराया और बोला — “ इतना नियम-कायदा मत देखो। ऊपर से आदेश है। ” अर्जुन चुप हो गया। कुछ देर बाद अधिकारी ने धीरे से कहा — “ अगर तुम समझदार हो तो काम आसान हो जाएगा। वरना नौकरी करना मुश्किल...