Friday, March 31, 2023

मौकों के इंतजार के बजाय उन्हें स्वयं बनाते हैं

एक बार एक गाँव में एक आदमी रहता था। उसे बड़ी उम्र हो चुकी थी और उसने अभी तक अपना सफलता सेभरा कोई काम नहीं किया था। वह हमेशा आस पास के लोगों की सफलता की कहानियों से प्रभावित रहता थाऔर सोचता था कि कभी  कभी उसका भी मौका आएगा।

एक दिन उसने अपने दोस्त से कहा, "मुझे लगता है कि मैं भी एक दिन सफल हो जाऊंगा।उसके दोस्त नेउससे पूछा, "लेकिन तुमने कभी इसके लिए कुछ किया है?" आदमी ने थोड़ी सी झिझक के बाद कहा, "नहींअभी तक नहींलेकिन मेरा मौका आएगा।"

दोस्त ने उससे कहा, "मौका क्यों इंतजार कर रहे होतुम उसे खुद बना सकते हो। अपनी क्षमताओं कोउत्तरोत्तर लगाओ और जो कुछ भी करने का मौका मिलेउसे धन्यवाद के साथ ग्रहण करो।"

उस दिन से उस आदमी ने अपने सोच को बदल दिया। उसने अपनी क्षमताओं का समय-समय पर उपयोग करना शुरू किया और जो कुछ भी मौका मिलता था, 
उसे धन्यवाद के साथ ग्रहण करता था। उसने एक छोटी सी दुकान खोली और धीरे-धीरे अपनी दुकान को बड़ा करने लगा।

अपने कुशलता और मेहनत से उसकी दुकान को बड़ी सफलता मिली। लो
 उसकी दुकान से खुश थे और वहज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा करने के लिए उसकी दुकान को और बड़ा करने के लिए अधिक उत्सुक होगया।

आज उस आदमी की दुकान बड़ी सफलता के साथ चल रही है और उसने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरहसंभाली हुई है। वह आज भी सोचता है कि यदि वह अपने दोस्त के सुझाव को पहले ही सुन लेता तो उसेजितनी तकलीफ उठानी पड़ी हैउससे कम तकलीफ होती।

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपनी क्षमताओं का समय-समय पर उपयोग करना चाहिएऔर हमेशा जो कुछ भी मौका मिलता हैउसे धन्यवाद के साथ ग्रहण करना चाहिए। जीवन में सफलताप्राप्त करने के लिएहमें कुछ करना होगा और मौके का इंतजार नहीं करना होगा। हमेशा अपनी क्षमताओंको समझें 
संक्षेप मेंजीवन में सफल होने के लिए हमें सिर्फ मौकों का इंतजार नहीं करना चाहिए। हमें अपनीक्षमताओं का उपयोग करना चाहिए और जो कुछ भी मौका मिलेउसे धन्यवाद के साथ ग्रहण करनाचाहिए। सफलता उनके लिए होती है जो अपने सपनों को साकार करने के लिए काम करते हैं और मौकोंके इंतजार के बजाय उन्हें स्वयं बनाते हैं।

Saturday, March 25, 2023

हम डरने लग जाते हैं तो हम अपने लक्ष्य से दूर हो जाते हैं।

एक बार एक छोटे से गाँव में एक युवक रहता था। उसे दिल्ली जाना था और वह अपने सपनों को पूरा करनेके लिए तैयार था। उसने अपनी जेब में रखी सारी बचत निकाली थी और दोस्तों से एक बस की टिकटखरीदने के लिए लेने के बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हुआ।
रात के समय उस युवक को एक दुष्ट शेर के सामने खड़ा होना पड़ा। शेर ने उसको अपनी आंखों में देखाऔर उसे नजरंदाज कर दौड़ा गया। 
युवक का दिल दहल गया और उसने सोचा कि अब तो मेरी मौत हो गयी। लेकिन उसने ना जाने कैसे अपनीहिम्मत जुटाई और शेर के सामने खड़ा रहकर बड़ी देर तक धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहा।
धीरे-धीरे शेर के गुस्से कम होने लगे और उसने युवक को अपनी नजर से निकाल लिया। उसकी बहादुरीको देखकर दूर से एक महाराजा आया और उसने युवक को अपने साथ लेकर चल दिया।
महाराजा ने उसे अपने घर में रखा और उसे अपना दास बना दिया। उस युवक ने अपने सपनों को पूरा करनेके लिए बहुत मेहनत की और उसने एक बड़ा व्यवसाय खोला।
आज उस युवक को पूरे देश में उन्नति की ऊँचाइयों तक पहुँचने का मौका मिलता है। उसकी बहादुरी ने उसेजीवन के हर मुश्किल से लड़ने की शक्ति दी है और उसने सबको यह सीखाया कि हमें हर मुश्किल सेलड़ना चाहिए।
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए। जीवन में हमें कभी-कभीआवाज देने वाले अनेक संकटों का सामना करना पड़ता हैलेकिन हमें इन संकटों से निपटना सीखनाचाहिए। हमेशा अपने सपनों को पूरा करने के लिए जोश रखना चाहिए और जीवन के हर मोड़ पर रिस्कलेने को तैयार रहना चाहिए। यदि हम डरने लग जाते हैं तो हम अपने लक्ष्य से दूर हो जाते हैं।

एक बीज की कहानी