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Sunday, April 5, 2026

एक गरीब छात्र की कहानी

एक छोटे से गाँव हरिपुर में राजू नाम का एक लड़का रहता था। उसका परिवार बहुतगरीब था। उसके पिता खेतों में मजदूरी करते थे और माँ लोगों के घरों में काम करतीथी। घर की हालत बहुत खराब थीलेकिन राजू के दिल में एक बड़ा सपना थापढ़-लिखकर एक बड़ा आदमी नने का।

राजू बहुत मेहनती और समझदार लड़का था। वह रोज़ सुबह जल्दी उठताअपनेमाता-पिता की थोड़ी मदद रता और फिर स्कूल चला जाता। उसके पास अच्छे कपड़ेनहीं थे और  ही महंगी किताबेंलेकिन पढ़ाई के प्रति उसका जुनून बहुत मजबूत था

स्कूल में कई बच्चे अच्छे बैगकिताबें और सुंदर कपड़े पहनकर ते थे। कभी-कभी कुछबच्चे राजू का मजाक भी उड़ाते थे।

एक दिन एक लड़के ने कहा,

अरे राजूतुम्हारे पास तो ठीक से जूते भी नहीं हैंतुम पढ़कर क्या कर लोगे?”

राजू ने शांत होकर जवाब दिया,

अभी मेरे पास जूते नहीं हैंलेकिन एक दिन मैं इतना पढ़ूँगा कि अपने सपनों तक जरूरपहुँचूँगा।

उसकी यह बात सुनकर कुछ बच्चे चु हो गए।

राजू का एक शिक्षक थाशर्मा सर। उन्होंने राजू की मेहनत और लगन को देखा। एकदिन उन्होंने उसे पने पास बुलाकर कहा,

राजूतुम्हारे अंदर बहुत प्रतिभा है। अगर तुम इसी तरह मेहनत करते रहेतो जरूर सफलहो जाओगे।

शर्मा सर ने उसकी पढ़ाई में बहु मदद की। कभी-कभी वे उसे अपनी पुरानी किताबें भीदे देते थे।

राजू रात को घर आकर दीये की रोशनी में पढ़ाई करता थाक्योंकि उनके घर में बिजलीनहीं थी। कई बार उसे भूखे पेट भी सोना पड़ता थालेकिन उसने कभी पढ़ाई छोड़ने केबारे में नहीं सोचा।

समय बीतता गया।

एक दिन स्कूल में घोषणा हुई कि जिले में छात्रवृत्ति परीक्षा होने वाली है। जो छात्र इसमेंअच्छे अंक लाएगाउसे आगे की पढ़ाई के लिए पैसे मिलेंगे।

राजू के लिए यह बहुत बड़ा मौका था।

उसने दिन-रात मेहनत करके तैयारी शुरू कर दी।

परीक्षा का दिन आया। राजू ने पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दी।

कुछ हफ्तों बाद परिणाम आया।

पूरा स्कूल खुश हो गयाक्योंकि राजू ने पूरे जिले में पहला स्थान प्राप्त किया था।

अब उसे छात्रवृत्ति मिलने वाली थीजिससे उसकी आगे की पढ़ाई आसा हो गई।

उसके माता-पिता की आँखों में खुशी के आँसू  गए।

शर्मा सर ने गर्व से कहा,

राजू ने साबित कर दिया कि गरीबी कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनसकती।

राजू ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। सालों की मेहनत के बाद वह एक बड़ा अधिकारी बनगया।

जब वह अपने गाँव वापस आयातो पूरे गाँव ने उसका स्वागत किया।

अब वही लोगजो कभी उसका मजाक ड़ाते थेउसकी तारीफ कर रहे थे

राजू ने गाँव के बच्चों से कहा,

अगर आपके पास पैसे कम हैंतो दुखी मत होइए। अगर आपके पास मेहनत औरहिम्मत हैतो आप किसी भी ऊँचाई तक पहुँच सकते हैं।

राजू की कहानी पूरे इलाके में प्रेरणा बन गई।

और सच ही कहा गया है

मेहनतलगन और आत्मविश्वास से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।

सीख:

गरीबी कभी भी सफलता की राह में रुकावट नहीं बनती। सच्ची मेहनत और दृढ़ संकल्पसे कोई भी अपने पनों को पूरा कर सकता है

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