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Sunday, January 18, 2026

जोखिम और सफलता

एक छोटे से गाँव में रितिक नाम का लड़का रहता था। रितिक बचपन से ही बहुत उत्साही और जिज्ञासु था। उसे हमेशा नई चीज़ें सीखने और खोजने का शौक था। लेकिन उसके गाँव में लोग अक्सर सुरक्षित और पारंपरिक रास्ते अपनाते थे। कोई भी नया प्रयोग या जोखिम नहीं लेना चाहता था।

रितिक के मन में हमेशा यह सवाल आता, “अगर मैं भी वही करूँ जो सब कर रहे हैं, तो मैं कैसे अलग बन पाऊँगा?” उसके पिता ने उसे समझाया, “बेटा, जोखिम उठाओ, क्योंकि यही तुम्हें अलग बनाता है। सफलता केवल उन्हीं को मिलती है जो साहस के साथ कदम बढ़ाते हैं और नए अवसरों का सामना करते हैं।

रितिक ने इस बात को अपने जीवन में उतारा। उसने स्कूल में एक नया विज्ञान प्रोजेक्ट शुरू किया, जो पहले कभी किसी ने नहीं किया था। उसके दोस्तों और कुछ शिक्षकों ने कहा, “यह बहुत मुश्किल है, क्यों जोखिम ले रहे हो?” लेकिन रितिक ने डर के बजाय उत्साह से काम करना शुरू किया।

शुरुआत में कई बार उसके प्रयोग विफल हुए। मशीन काम नहीं कर रही थी, गणनाएँ गलत निकल रही थीं, और कई बार रितिक को निराशा हुई। लेकिन उसने हार नहीं मानी। उसने अपनी गलतियों का विश्लेषण किया, नई तकनीक सीखी और लगातार प्रयास करता रहा।

समय बीतता गया और रितिक का प्रोजेक्ट सफल हो गया। उसकी मशीन गाँव के किसानों के लिए उपयोगी साबित हुई, जिससे उनकी फसल की पैदावार बढ़ी। रितिक के प्रयासों ने उसे गाँव में एक अलग पहचान दी। वह साबित कर चुका था कि जोखिम लेना ही उसे दूसरों से अलग बनाता है।

रितिक की कहानी यह सिखाती है कि जीवन में यदि हम केवल सुरक्षित रास्ते चुनते हैं और जोखिम नहीं उठाते, तो हम कभी अपनी पूरी क्षमता को पहचान नहीं पाते। जोखिम और साहस ही व्यक्ति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाते हैं और उसे अनोखा बनाते हैं।

यह कहानी यह भी दिखाती है कि जोखिम हमेशा असफलता नहीं लाता। कभी-कभी यह सीखने का अवसर होता है, जो हमारे कौशल और सोच को मजबूत बनाता है। जो लोग केवल डर और सुविधा के आधार पर निर्णय लेते हैं, वे कभी भी अनोखा योगदान नहीं दे पाते।

अंततः, रितिक ने यह साबित किया कि जोखिम उठाना ही सफलता और पहचान की कुंजी है। उसकी कहानी युवाओं और बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई, जो यह दर्शाती है कि साहस और जोखिम लेने की क्षमता हर व्यक्ति को दूसरों से अलग और विशेष बनाती है।

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