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Sunday, June 14, 2026

समय की कीमत

एक छोटे से गाँव में विकास नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत समझदार था, लेकिन उसकी एक बुरी आदत थीवह हर काम को टालता रहता था। उसके माता-पिता और शिक्षक उसे बार-बार समझाते थे कि समय बहुत कीमती होता है, लेकिन विकास उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेता था।

विकास अक्सर सोचता था, “अभी तो बहुत समय है, बाद में कर लूँगा।

चाहे पढ़ाई हो, घर का काम हो या कोई जिम्मेदारीवह सब कुछ बाद के लिए छोड़ देता था।

एक दिन उसके स्कूल में वार्षिक परीक्षा की घोषणा हुई। शिक्षक ने सभी बच्चों से कहा,

बच्चो, परीक्षा में सिर्फ एक महीना बचा है। अगर अभी से मेहनत करोगे, तो अच्छे अंक ला सकते हो।

सभी बच्चे पढ़ाई में जुट गए, लेकिन विकास ने सोचा,

एक महीना बहुत होता है। मैं बाद में पढ़ लूँगा।

दिन बीतते गए और विकास अपना समय खेल-कूद और दोस्तों के साथ घूमने में बिताता रहा।

धीरे-धीरे परीक्षा का समय करीब आने लगा। अब सिर्फ पाँच दिन बचे थे। तब जाकर विकास को अपनी गलती का एहसास हुआ।

वह घबरा गया और जल्दी-जल्दी पढ़ाई करने लगा, लेकिन इतने कम समय में सब कुछ समझ पाना बहुत मुश्किल था।

आखिरकार परीक्षा का दिन आ गया। विकास ने जैसे-तैसे परीक्षा दी, लेकिन उसे पता था कि उसने अच्छा नहीं लिखा।

कुछ दिनों बाद परिणाम आया।

विकास के अंक बहुत कम आए। यह देखकर वह बहुत दुखी हो गया।

उसके दोस्त अच्छे अंकों से पास हो गए थे, लेकिन वह पीछे रह गया।

वह उदास होकर घर पहुँचा। उसके पिता ने उससे पूछा,

क्या हुआ बेटा? तुम इतने परेशान क्यों हो?”

विकास ने सिर झुकाकर कहा,

पिताजी, मैं परीक्षा में अच्छा नहीं कर पाया। अगर मैंने समय पर पढ़ाई की होती, तो शायद आज परिणाम अलग होता।

पिता ने प्यार से कहा,

बेटा, यही जीवन का सबसे बड़ा सबक हैसमय की कीमत समझना।

उन्होंने आगे कहा,

समय नदी के पानी की तरह होता है। एक बार निकल गया, तो वापस नहीं आता। इसलिए हमें हर पल का सही उपयोग करना चाहिए।

विकास ने अपने पिता की बात ध्यान से सुनी। उसे अपनी गलती का पूरा एहसास हो चुका था।

उसने उसी दिन फैसला किया कि अब वह समय की बर्बादी नहीं करेगा।

अगले साल जब नई कक्षा शुरू हुई, तो विकास ने अपनी दिनचर्या बदल दी।

वह रोज़ समय पर उठता, स्कूल जाता और घर आकर नियमित रूप से पढ़ाई करता।

अब वह हर काम को सही समय पर करने लगा था।

धीरे-धीरे उसकी पढ़ाई भी बेहतर होने लगी और शिक्षक भी उसकी मेहनत से खुश थे।

एक साल बाद फिर से परीक्षा का समय आया।

इस बार विकास ने पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दी।

जब परिणाम आया, तो विकास ने कक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त किया।

यह देखकर उसके माता-पिता और शिक्षक बहुत खुश हुए।

विकास के चेहरे पर भी गर्व और खुशी थी।

उसने अपने पिता से कहा,

पिताजी, अगर आपने मुझे समय की कीमत नहीं समझाई होती, तो शायद मैं आज भी वही गलती करता रहता।

पिता मुस्कुराए और बोले,

बेटा, जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत के साथ-साथ समय का सही उपयोग भी बहुत जरूरी होता है।

अब विकास अपने दोस्तों को भी यही सलाह देता था कि वे समय को बर्बाद न करें।

गाँव के लोग भी उसकी कहानी सुनकर अपने बच्चों को समझाते थे कि समय सबसे कीमती धन है।

और सच ही कहा गया है

जो व्यक्ति समय की कीमत समझता है, वही जीवन में सफलता प्राप्त करता है।

सीख:

समय बहुत कीमती होता है। जो व्यक्ति समय का सही उपयोग करता है, वह जीवन में आगे बढ़ता है और सफलता हासिल करता है।

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