एक छोटे से गाँव सुंदरपुर में लोग खुशी-खुशी रहते थे। गाँव के चारों तरफ खेत, पेड़ और एक छोटा तालाब था। लेकिन धीरे-धीरे गाँव में एक बड़ी समस्या बढ़ने लगी—गंदगी।
लोग अपने घरों का कचरा रास्तों पर फेंक देते थे। नालियाँ भी अक्सर गंदी रहती थीं। तालाब के पास भी लोग कूड़ा डाल देते थे। इसके कारण गाँव में बदबू फैलने लगी और कई लोग बीमार भी पड़ने लगे।
गाँव में सोनू नाम का एक लड़का रहता था। वह कक्षा आठ में पढ़ता था और अपने गाँव से बहुत प्यार करता था। एक दिन स्कूल में शिक्षक ने बच्चों को स्वच्छता के महत्व के बारे में बताया।
शिक्षक ने कहा,
“स्वच्छता से ही स्वस्थ जीवन मिलता है। अगर हमारा गाँव साफ रहेगा, तो हम भी स्वस्थ और खुश रहेंगे।”
सोनू को यह बात दिल से लग गई।
उसने सोचा कि अगर गाँव साफ हो जाए, तो सबकी जिंदगी बेहतर हो सकती है।
अगले दिन सोनू ने अपने दोस्तों को इकट्ठा किया और कहा,
“हम सब मिलकर अपने गाँव को साफ कर सकते हैं। अगर हर व्यक्ति थोड़ी जिम्मेदारी ले, तो हमारा गाँव बहुत सुंदर बन सकता है।”
उसके दोस्तों को भी यह विचार अच्छा लगा।
सब बच्चों ने मिलकर गाँव की सफाई शुरू की। उन्होंने रास्तों से कचरा उठाया, नालियों को साफ किया और लोगों से भी कहा कि कचरा इधर-उधर न फेंकें।
शुरुआत में कुछ लोग बच्चों की बात पर ध्यान नहीं दे रहे थे।
एक दिन सोनू ने गाँव के सरपंच से मिलकर कहा,
“अगर हम सब मिलकर सफाई का अभियान शुरू करें, तो हमारा गाँव स्वच्छ बन सकता है।”
सरपंच को सोनू की बात बहुत अच्छी लगी।
उन्होंने पूरे गाँव में घोषणा करवाई कि हर रविवार को सफाई अभियान चलाया जाएगा।
धीरे-धीरे गाँव के लोग भी इस अभियान में शामिल होने लगे।
कुछ महीनों बाद गाँव का रूप ही बदल गया।
अब रास्ते साफ थे, नालियाँ साफ थीं और तालाब के आसपास भी कचरा नहीं था।
गाँव पहले से कहीं ज्यादा सुंदर और स्वच्छ हो गया।
एक दिन गाँव में जिला अधिकारी आए। उन्होंने गाँव की सफाई देखकर बहुत प्रशंसा की।
उन्होंने कहा,
“यह गाँव दूसरों के लिए एक उदाहरण बन सकता है।”
सोनू और उसके दोस्तों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
सोनू बहुत खुश था, क्योंकि उसका स्वच्छ गाँव का सपना सच हो गया था।
उसने गाँव के लोगों से कहा,
“अगर हम सब मिलकर अपने आसपास सफाई रखें, तो हमारा गाँव हमेशा सुंदर और स्वस्थ रहेगा।”
उस दिन के बाद गाँव के लोग सफाई का विशेष ध्यान रखने लगे।
और सच ही कहा गया है—
“स्वच्छता ही स्वास्थ्य और खुशहाली की पहली सीढ़ी है।”
सीख:
अगर हम सब मिलकर सफाई का ध्यान रखें, तो हमारा गाँव और समाज दोनों सुंदर और स्वस्थ बन सकते हैं।
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